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बस मायूसी ग़ायब है
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हाल में 'समालोचन' में प्रकाशित कविताएँ :
1. *धरती कभी मायूस होती थी*
बाक़ी सब ठीक है
बस मायूसी ग़ायब है।
प्यासी रूह
अनजाने ही चाट लेती है ख़ून सींचीं उ...
2 months ago
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तुम आदत में शुमार हो मेरी
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प्याली से उठती भाप
जाने कहाँ खो गई
चाय की उस आखिरी
चुस्की के साथ
मगर चाय का स्वाद
घुल रहा है अब भी
जुबान पर मेरी
और नथुनों में बस रही है
...
2 months ago
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शहर, कुत्ते और हमारी ज़िम्मेदारी
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“पॉटी उठाना शर्म नहीं, संस्कार है, शहर की सड़कों पर पॉटी नहीं, जिम्मेदारी
चाहिए” भारत में पालतू कुत्तों की संख्या 2023 में लगभग 3.2 करोड़ आंकी गई, और
यह ...
1 year ago
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पाँच विशेषतायें
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*बच्चा की पाँच विशेषतायें*
1. खाते हैं तो बहुत ही खाते हैं। और बहुताय खाते हैं। हम ग़रीब हो सकते
हैं, भूखे नहीं।
2. हमने अपनी पुरानी / पैदा...
2 years ago
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तुम्हारे लिए
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मैं उसकी हंसी से ज्यादा उसके गाल पर पड़े डिम्पल को पसंद करता हूँ । हर सुबह
थोड़े वक्फे मैं वहां ठहरना चाहता हूँ । हंसी उसे फबती है जैसे व्हाइट रंग ।
हाँ व्...
6 years ago
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मैं हंसते हंसते दम तोड़ देता अगर मुझे रोना न आता - अमित श्रीवास्तव की कविता
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हेनरी रूसो की पेंटिंग 'हॉर्स अटैक्ड बाई अ जगुआर' अमित श्रीवास्तव की कविता
की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वह एक साथ अनेक परतों और आयामों पर काम करती जाती
है - कई...
7 years ago
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व्यंग्य : आँख दिखाना
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एक व्यंग्य : आँख दिखाना --आज उन्होने फिर आँख दिखाई
और आँख के डा0 ने अपनी व्यथा सुनाई--" पाठक जी !यहाँ जो मरीज़ आता है ’आँख
दिखाता है ...
7 years ago
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यह विदाई है या स्वागत...?
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एक और नया साल...उफ़्फ़ ! इस कमबख़्त वक्त को भी जाने कैसी तो जल्दी मची रहती है |
अभी-अभी तो यहीं था खड़ा ये दो हज़ार अठारह अपने पूरे विराट स्वरूप में...यहीं
पह...
7 years ago
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अपशब्द प्रेम पर पांच कविताएँ : अजंता देव
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© Anurag Vats 2017
*अपशब्द प्रेम - 1 *
प्रेम संगीत की तरह
मेरे दिमाग़ में था
तुम तो वाद्य थे
*अपशब्द प्रेम - 2 *
पानी का स्वभाव है बहना
रोकना च...
9 years ago
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वक़्त इरेज़र है तो परमानेंट मार्कर भी ।
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लाख कोशिशों के बावजूद भी आगरा की वो सरकारी पुलिस कॉलोनी मेरे ज़ेहन से नहीं
जाती । और उस कॉलोनी का क्वार्टर नंबर सी-75 मेरे बचपन रुपी डायरी के हर पन्ने
पर द...
11 years ago
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स्वतंत्रता दिवस पर बच्चों के कुछ और भाषण (हिन्दी और भोजपुरी में)
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*दो साल से ज़्यादा बीत गए यहाँ कुछ लिखे। ऐसा नहीं है कि लिखा नहीं जा रहा
था, फेसबुक पर तो लगातार कुछ न कुछ लिखते रहे, यहाँ नहीं लगा सके। ब्लॉग जगत
से दूरी...
11 years ago
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मछली का नाम मार्गरेटा..!!
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मछली का नाम मार्गरेटा..
यूँ तो मछली का नाम गुडिया पिंकी विमली शब्बो कुछ भी हो सकता था लेकिन मालकिन
को मार्गरेटा नाम बहुत पसंद था.. मालकिन मुझे अलबत्ता झल...
11 years ago
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अनिकेत - निकेतन
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रोक लिया अपने अश्रु की धार को;
अनुभव किया जब नियति के प्रहार को,
एक सी करुणा थी उनकी आँखों में,
एक सा था भाव उनके चेहरे पर,
मातृ - पितृ विहीन है जीवन जिनका;
...
15 years ago
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AchchiKhabar.Com अब है AchhiKhabar.Com
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The beginning of
*AchhiKhabar.Com*
AchchiKhabar.Com पर अपना कीमती वक़्त देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद् . आपके
सहयोग से यह हिंदी भाषा में लिखे जाने Blo...
15 years ago
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दुनिया को बनाने वाला कोई भगवान नहीं...... स्टीफन हॉकिंग
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स्टीफन हॉकिंग
लंदन........ दुनिया के सबसे बड़े वैज्ञानिकों में गिने जाने वाले स्टीफन
हॉकिंग ने कहा है कि इस दुनिया को बनाने वाला कोई भगवान नहीं है। यह द...
16 years ago
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What the future holds?
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I’ve been a subscriber of John Calhoun newsletters and bought few courses
from him. He sent this email a bit ago which contained the following.
6 months ago
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Menyelami Kesenangan Tanpa Batas dalam Dunia Permainan Slot Online
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Taruhan daring telah menjadi salah satu pilihan utama bagi para penggemar
permainan yang mencari hiburan seru dan mendebarkan. Dengan fokus pada
permaina...
1 year ago
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डॉल्बी विजन देखा क्या?
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इससे पहले, अपने पिछले आलेख में मैंने आपसे पूछा था – डॉल्बी एटमॉस सुना क्या?
यदि आपने नहीं सुना, तो जरूर सुनें.
अब इससे आगे की बात –
डॉल्बी विजन देखा क...
3 years ago
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एक जवान साथिन के लिए जो अब कहां जवान रही..
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ज़माना हुआ एक कबीता लिखे थे. एक जनाना थी, दुखनहायी थी, रहते-रहते मुंह
ढांपकर रोने लगती थी, थोड़ा हम जानते-समझते थे, मगर बहुत सारा हमरे पार के परे
था. सुझ...
7 years ago
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एक सपने की हत्या
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कुछ मैंने की, कुछ तूने की
कुछ मिलकर हम दोनों ने की
इक सपने की हमने हत्या की ।
समझौतों का ये जीवन जीया
मिलकर गरल कुछ हमने पीया
जो करना था वह हमने न किया ।
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8 years ago
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चार साल के बाद अपने प्रिय ठिकाने पर !
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अक्टूबर 2013 में अपने ब्लॉग पर आख़िरी पोस्ट लिखी थी. तक़रीबन चार साल की लम्बी
अवधि के बाद उस जगह आना जहाँ बहुत जल्दी-जल्दी और बार-बार आना होता था,कुछ
विचित...
9 years ago
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चुस्सू, दोतीनपांच और गंगा की सौगंध
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लफत्तू की तबीयत सुधर रही थी और उसके परिवार के साथ उसके रिश्ते भी. यहाँ तक
कि उसका जल्लाद भाई भी यदा-कदा उसकी मिजाजपुर्सी में लगा दिख जाया करता. मुझे
और पू...
10 years ago
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स्वर्ग व मोक्ष का दृश्यव्य रूप नहीं-हिन्दी लेख
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हमारे देश में धर्म के नाम पर अनेक प्रकार
के भ्रम फैलाये गये हैं। खासतौर से स्वर्ग और मोक्ष के नाम पर ऐसे प्रचारित
किये ग...
10 years ago
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उत्तर वनवास का दूसरा संस्करण
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*मित्रो, एक छोटी-सी सूचना साझा करना चाहता हूं। अभी थोड़ी देर पहले मेरे
मित्र, प्रकाशक देश निर्मोही का फोन आया कि उत्तर वनवास का दूसरा संस्करण
प्रकाशित ...
14 years ago
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अदम जी मुझे लौकी नाथ कहते थे
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जयपुर में अदम जी मंच संचालन कर रहे थे। मुझे कविता पढ़ने बुलाने के पहले एक
किस्सा सुनाया। किसी नगर में एक बड़े ज्ञानी महात्मा थे। उनका एक शिष्य था नाम
था...
14 years ago
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एस पी सिंह की रचनाओं का पहला संकलन
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(पत्रकारिता का महानायक सुरेंद्र प्रताप सिंह संचयन छप कर आ चुकी है। एस पी
सिंह की 14वीं बरसी पर पुस्तक छप कर आई और इस अवसर पर एक विशेष आयोजन में इसे
लाया ग...
15 years ago
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Send me your co-ordinates, love
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जियोग्राफी। जानलेवा चीज़ होती है।
तुम्हें मालूम, तुम्हारे घर के पंद्रह मिनट के रेडियस में सबसे ज़्यादा दुखता
है तुम्हारा न होना। मुझे अभी तक लगता था, शहर म...
2 days ago
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अस्मि - शिखा वार्ष्णेय
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कई बार हम एकसार जीवन के इतने अभ्यस्त होते हैं कि क्या छूटता जा रहा है, हमें
इसका अहसास ही नहीं होता. विशेष परिस्थितियों से गुजरते हुए अचानक से जीवन मे...
2 weeks ago
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बारहवीं मंज़िल की छत पर खड़ा एक “नाकामयाब” आदमी
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शोवान चौधरी ने अपनी असफलताओं की लम्बी सूची साझा की, लेकिन उन्होंने अपनी सोच
में बदलाव किया। उन्होंने स्वीकार किया कि मेहनत हमेशा हुनर से महत्वपूर्ण
होती है...
5 months ago
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Watch: मिलिए इमरान के नन्हे जबरा फैन से...
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*पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की रैली में 350 किलोमीटर दूर
से पहुंचा अबु बकर; पूर्व पीएम से नहीं मिल पाया तो रो-रो कर हुआ बेहाल,
वीडियो व...
4 years ago
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8 years ago
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तारापुर शहीद दिवस ( 15 feb)
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बात है अस्सी के दशक के उत्तरार्ध की.
बिहार के मुंगेर जिले का तारापुर तब एक छोटा सा कस्बाई शहर हुआ करता था जहां
अस्पताल , हाट बाजार , सिनेमा हॉल सभी था. ता...
9 years ago
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abhilasha
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सेवा करनी है तो घड़ी मत देख
प्रसाद लेना है तो स्वाद मत देख
सत्संग सुनाना है तो जगह देख
विनती करनी है तो स्वार्थ मत देख
10 years ago
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...समीकरणरूपाय जगन्नाथाय ते नमः !
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पिछले दिनों एक यज्ञवेदी पर बनी रेखाओं को देख मैंने कहा - "वेदी पर बने ये
खूबसूरत पैटर्न *ज्यामिति की माँ *है. क्योंकि ज्यामिति की शुरुआत यहीं से हुई
थी. ...
11 years ago
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"कठोर मोलभाव"
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आज सुबह एक छोटा बालक साईकिल पर ढेर
सारी झाड़ू लेकर बेचने निकला था। मैंने
देखा कि वह 10 रुपए की दो झाड़ू बेच
रहा था और
बच्चा समझकर लोग उससे उन दस रुपयों में...
12 years ago
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'गैंग्स ऑफ वासेपुर' के बारे में
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आज कुछ ऐसी परिस्थिति है कि हवाई जहाज लखनऊ से दिल्ली आकर रुका है और कुछ देर
में मुंबई उड़ान भरेगा। इसी बीच ख्याल आया कि काफी दिन हुए ब्लॉग पर कुछ लिखा
नहीं ...
14 years ago
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जिम में रामधुन, जन्माष्टमी प्रभाव
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सुप्रभात राम राम
भारत अद्भुत है और हम भारतीय भी आमतौर पर सुबह की सैर ही मुझे रुचती है, लेकिन
बीच-बीच में जिम में भी जाता हूं। जिम में ट्रेडमिल पर चलने...
2 weeks ago
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जहाज़ किसका, रानी किसकी ?
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Shared with Your friendsजहाज़ किसका, रानी किसकी ...
सद्गुरु सबद जहाज है, कोई-कोई पावे भेद।
बूंद-समंदर इक भया, किसका करूं निखेद॥
[image: ▪️]विशाल आकार की...
2 months ago
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Hello world!
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Welcome to WordPress. This is your first post. Edit or delete it, then
start writing!
3 years ago
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सुरीनामी भोजपुरी के प्रसिद्ध गायक राज मोहन !!
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जब से फेसबुक पर लोगों का आना जाना हुआ तब से मैं अपने ब्लॉग ठुमरी
को समय ही नहीं दे पा रहा हूं परजबसे राजमोहन जी को सुना है तबसे उनके
रचे गी...
7 years ago
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कुरुक्षेत्र में श्रीकृष्ण और अर्जुन
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कुरुक्षेत्र में दोनों ओर की सेनाओं के बीच अर्जुन का रथ खड़ा था। उनके सारथी
श्रीकृष्ण उन्हें उपदेश दे रहे थे। महापुरुष, योद्धा, अश्व, गज, गदा, धनुष,
कृपाण ...
9 years ago
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चार साल के बाद अपने प्रिय ठिकाने पर !
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अक्टूबर 2013 में अपने ब्लॉग पर आख़िरी पोस्ट लिखी थी. तक़रीबन चार साल की लम्बी
अवधि के बाद उस जगह आना जहाँ बहुत जल्दी-जल्दी और बार-बार आना होता था,कुछ
विचित...
9 years ago
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कम्युनिटी हेल्थ में एक अद्भुत नाम डॉक्टर सुभाष
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* किंग* जॉर्ज मेडिकल कॉलेज, लखनऊ से 1969 में MBBS करने के बाद डॉक्टर नरेश
त्रेहन अमरीका चले गए और उनके साथ पढ़े डॉक्टर सुभाष चन्द्र दुबे गुरुसहायगंज।
गुरसह...
9 years ago
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Demonetization and Mobile Banking
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*स्मार्टफोन के बिना भी मोबाईल बैंकिंग संभव...*
प्रधानमंत्री मोदीजी ने अपनी मन की बात में युवाओं से आग्रह किया है कि हमें
कैशलेस सोसायटी की तरफ बढ़ना है औ...
9 years ago
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अच्छा, अब तुम मेरे मोबाईल में रेडियो चैनलों की फ्रीक्वेंसी सेट कर दोः
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फटाफट जेनरेशन का रेडियो और यूथ कल्चर शीर्षक से मेरा लेख कालियाजी के हाथ में
था. पन्ने पलटते हुए उनके हाथ कांप रहे थे और मेरी पूरी देह. अव्वल तो डर इस
बात...
10 years ago
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अपने मन की करना ही ख़तरनाक राजनीति है !
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*बैटल ऑफ बनारस के बहाने कमल स्वरूप से बातचीत *
प्रश्न : आप की फिल्म बैटल ऑफ बनारस का अभी क्या स्टेटस है?
कमल: फिल्म को स्क्रीनिंग कमेटी ने रिजेक्ट कर द...
11 years ago
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अम्मां यादों में
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This post is about memories of my mother. रिश्तों में सबसे पवित्र रिश्ता है
मां का है। इस चिट्ठी में कुछ बाते अम्मां के बारे में। is chitthi mein Amma
kee ...
11 years ago
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test post
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Test post
14 years ago
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